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Tuesday, July 21, 2020

54 करोड़ के शैला रिसोर्ट की छत से टपक रहा पानी, दरवाजे टूटे, नहीं ठहरते सैलानी

मैनपाट में 10 साल पहले छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने 54 करोड़ खर्च कर पर्यटकों के ठहरने के लिए रिसोर्ट का निर्माण कराया था। वहां जिम और इंडोर स्पोर्टस बिल्डिंग में खेल सामग्री और जिम के संसाधनों को लगाए बिना ही उद्घाटन कर दिया गया। अब इन दोनों सुविधाओं के लिए यहां दो करोड़ से बनी बिल्डिंग जर्जर हो गई है। वहीं जिम और स्पोटर्स की सुविधाओं को शुरू करने कोई पहल नहीं की गई। वहीं देखरेख के अभाव में रिसोर्ट के कमरे और संसाधन खराब हो रहे हैं। कॉटेज में रिसाव होने लगा है, इससे पर्यटक इस रिसोर्ट में आना पसंद नहीं करते। दो साल पहले यह आय के मामले में प्रदेश का दूसरे नंबर का रिसोर्ट था। बता दें कि अंबिकापुर से 45 किमी दूर मैनपाट में 7 एकड़ जमीन में पर्यटकों के लिए रेस्टोरेंट सहित तमाम सुविधाओं से लैस रिसोर्ट निर्माण के लिए 2005 में प्लान बना और 2012 में आधे अधूरे काम के बीच उद्घाटन करा दिया गया। तब अधिकारियों ने कहा कि यहां स्पोटर्स और जिम के उपकरण लगाए जाएंगे, लेकिन इसके बाद ध्यान नहीं दिया। अब हालत यह है कि खेल और जिम के लिए बनाए भवन जर्जर हो रहे हैं। इन्हें अब गोदाम और स्टोर रूम बना दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ 22 परिवारों के रुकने के लिए बनाए गए कमरों की हालत जर्जर है। कॉटेज से पानी का रिसाव हो रहा है। वहीं पर्यटकों के लिए लगाए बिस्तर के कपड़े भी पुराने हो गए हैं।

पहले यहां होती थीं शादियां अब पड़ा रहता है खाली
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शैला रिसोर्ट शुरू हुआ तब दूसरे जिलों और राज्यों के लोग यहां शादी के लिए बुकिंग करते थे। इसकी वजह थी कि शादी में शामिल होने वाले यहां आते थे तो पर्यटन का भी लुत्फ उठाते थे लेकिन अब अव्यवस्था के कारण लोग शादी और पार्टी के लिए बुकिंग नहीं करा रहे हैं।

अफसरों की लापरवाहीसे हालात हो रहे खराब
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अधिकारियों की लापरवाही से मेंटेनेंस का काम नहीं हो रहा है। इसके कारण करोड़ों के बिल्डिंग और दूसरी सुविधाएं खत्म हो रही हैं। जबकि यहां के निजी रिसोर्ट संचालित करने वालों का कहना है कि अगर इतनी आलीशान बिल्डिंग और रेस्टोरेंट निजी हाथों में होता तो अच्छी आय के साथ यह और विकसित हो गया होता।

60 लाख का सालाना बिजनेस होता है मोटल का
मैनपाट के इस मोटल के संचालन से 60 लाख की आय हर साल होती है। हालांकि यहां जो खर्च होता है। उसे जोड़ा जाए तो मोटल नो प्रॉफिट नो लास पर चल रहा है। राज्य में संचालित मोटल में बिजनेस के मामले में यह तीसरे नंबर का मोटल है।

पतंजलि ग्रुप ने मोटल को लेने का रखा था प्रस्ताव
4 साल पहले मैनपाट के शैला रिसोर्ट में खाली पड़े स्पोर्ट्स कॉॅम्प्लेक्स में आयुर्वेदिक मसाज सेंटर संचालन का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने बाबा रामदेव की पतंजलि ग्रुप के सामने रखा था। इस पर ग्रुप ने सिर्फ मसाज ट्रीटमेंट सेंटर के बजाय पूरे मोटल के संचालन की बात कही थी, लेकिन सरकार तैयार नहीं हुई थी। राज्य सरकार अब केरला की मसाज से इलाज करने वाली कम्पनी से बात कर रही है।

बजट के अभाव में नहीं लगाए जा सके उपकरण
"इस मोटल का रेनोवेशन के काम का ठेका केंद्र सरकार की टाटा कम्युनिकेशन कंपनी को दिया गया है। तीन माह के भीतर सभी कमरों की जहां पानी का रिसाव होता है अन्य मरम्मत कार्य हैं पूरे करा दिए जाएंगे। इसके लिए 70 लाख का बजट है। इंजीनियर एस्टीमेट तैयार करेंगे। स्पोर्ट्स काम्पलेक्स में उपकरण बजट के अभाव में अब तक नहीं लगाए जा सके।"
-टी एन सिंह, सीनियर मैनेजर, ऑपरेशन मोटल, पर्यटन मंडल

स्थानीय लोगों को मिलता था रोजगार: मैनपाट में शैला रिसोर्ट बनने के बाद यहां पर्यटकों का आनाजाना बढ़ा था इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता था तो पर्यटक अम्बिकापुर के बजाय मैनपाट में आकर ही ठहरते थे, लेकिन अब शैला रिसोर्ट के बदहाल होने के बाद पर्यटकों से मैनपाट में निजी होटल वाले अधिक पैसे वसूलते हैं। जबकि शैला रिसोर्ट में ठहरने के लिए पर्यटन मंडल ने रेट निर्धारित कर रखा था।



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Water dripping from roof of Shaila resort of 54 crores, doors broken, tourists do not stop


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