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Tuesday, July 7, 2020

प्रतिबंध के बावजूद दूध नदी में फेंक रहे कचरा, अभियान बेअसर

शहर के बीच से बहने वाली दूध नदी में कचरा फेंकना प्रतिबंधित है लेकिन इसके बाद भी नदी में कचरा फेंका जा रहा है। विधायक ने नगरपालिका, प्रशासन के साथ शहर के दूध नदी में सफाई अभियान चलाया था लेकिन अभियान का असर नजर नहीं आ रहा है। जहां नगरपालिका ने गंदगी फेंकने सो रोकने के लिए जाली लगाई, लेकिन वहां भी कचरा फेंका जा रहा है।
महादेववार्ड के गुमटी वाले स्थल से लेकर ग्राम पंडरीपानी तक दूध नदी तट में गंदगी पसरी हुई है। इससे दूधनदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। दो दशक पहले तक दूध नदी का पानी स्वच्छ था। शहर के लोग नदी में झिरिया बनाकर पानी का उपयोग पीने के लिए किया करते थे। अब तो यहां का पानी इतना प्रदूषित हो चुका है कि पीना तो दूर उससे निस्तारी तक संभव नहीं है। साल भर पहले वर्ष 2019 में मई-जून माह में 15 दिन दूध नदी तट पर सफाई अभियान चलाया गया था। भंडारीपारा से स्टॉप डैम तक दूध नदी में सफाई विधायक शिशुपाल शोरी की पहल पर जनप्रतिनिधियों के अलावा नगरपालिका, प्रशासन तथा आम नागरिकों ने की थी। अभियान चलने तक सब कुछ ठीक रहा। फिर वापस सबकुछ अपने ढर्रे पर आ गया है। सबसे ज्यादा गंदगी सुभाष वार्ड तथा अन्नपूर्णापारा दूधनदी तट पर है। सुभाष वार्ड मेें मटन मार्केट की वजह से नदी तट में गंदगी हो रही है। जनसहयोग समाज सेवी संस्था अध्यक्ष पप्पु मोटवानी ने कहा कि शहर के दूधनदी में अभियान जरूर चलाया गया लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। दूधनदी में गंदगी फेंकने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। राजापारा के नरेंद्र पटेल, श्रद्धेश चौहान, सुभाषवार्ड के तेजशंकर राजपूत, लोकेश साहू, अज्जु दखने ने कहा कि दूधनदी में कचरा फेंकने पर कड़ाई से प्रतिबंध लगना चाहिए।
सीवरेज प्लांट और रीटेनिंग वॉल स्वीकृत : विधायक शिशुपाल शोरी ने कहा कि पिछले साल 2019 में जनजागरूकता अभियान चलाने दूध नदी में सफाई अभियान चलाया गया। दूधनदी की सफाई को लेकर हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। दूध नदी को स्वच्छ तथा निर्मल बनाने सीवरेज प्लांट के अलावा नदी तट पर रीटेरिंग वॉल बनाने स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बनने से नदी की दशा में सुधार होगा।

शहर में नदी दो किमी तक, जाली सिर्फ 60 मीटर में
शहर के बीच से दूध नदी लगभग 2 किमी लंबी बहती है। नदी तट पर कचरा फेंकने पर रोक लगाने पुराना बस स्टैंड के पास 60 मीटर में नदी तट पर जाली लगाई गई है। जिस भाग में जाली लगी है वहां नदी के अंदर तो नहीं लेकिन लोग जाली के इस ओर ही कचरा फेंक रहे हैं। बलराम नाविक, मो. एजाज, कमलेश जैन ने कहा कि पालिका का कचरा वाहन रोज आता है लेकिन लोग जागरूकता के अभाव में उसमें कचरा नहीं फेंक खुले में फेंक रहे हैं।



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Garbage dumped in milk river despite ban, campaign ineffective


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