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Thursday, August 20, 2020

ईटीटी में दाखिला को ग्रेजुएशन में 55% की शर्त, बीएड को सिर्फ 50%

(प्रदीप शर्मा) एलिमेंटरी टीचर बनना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन में 55 प्रतिशत नंबर लाने होंगे, पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीईआई ईडी) यानी ईटीटी के इस अनोखे फैसले ने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षा जगत को हैरत में डाल दिया है क्योंकि बीएड करने के इच्छुक युवाओं के ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत की शर्त रखी गई है जबकि ईटीटी कोर्स के लिए ग्रेजुएशन में 55 प्रतिशत की अनिवार्यता करके प्राइमरी क्लासेज को पढ़ाने वाले अध्यापकों का दर्जा बढ़ा दिया है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि 12वीं पास ईटीटी अध्यापक 19-20 साल की उम्र में एक क्लास को संभालने में सक्षम नहीं होता, इसलिए ग्रेजुएशन कर लेने से उसमें परिपक्तवा व अनुभव बढ़ता है । सरकार ने अपनी गाइडलाइंस में स्पष्ट कर दिया है कि युवा यह भ्रम न पालें कि वे डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन यानी ईटीटी करके सरकारी नौकरी के योग्य हो जाएंगे। राइट टू एजुकेशन के तहत 14 साल तक के बच्चों को 8वीं तक तक की पढ़ाई का कानूनी अधिकार लाने पर सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पोस्टें ज्यादा निकलने लगीं। सरकार की ओर से लगभग 5 साल पहले ईटीटी करने वालों को सरकारी नौकरी के प्रति आश्वस्त किया था। तभी से युवाओं में 12वीं के बाद ईटीटी करने की दिलचस्पी बढ़ी जिसे देखते हुए प्राइवेट कॉलेजों की संख्या बढ़ने लगी और हालात हैं कि हर साल 7 हजार से ज्यादा ईटीटी डिप्लोमा होल्डर हो रहे हैं और अब नौकरी के लिए धरने दे रहे हैं।

पंजाब में 15 डाइट में 1500 सीटों समेत 110 ईटीटी प्राइवेट कॉलेजों में अधिकांश में 50 सीटें हैं, जिन्हें मिलाकर हर साल लगभग 7200 सीटों पर विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। नेशनल कौंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन के निर्धारित नियमों के अनुसार स्टेट कौंसिल आफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के डायरेक्टर, डीपीआई सेकंडरी व एलिमेंटरी की निगरानी में सरकारी व प्राइवेट कॉलेजों में कंबाइंड मेरिट बेसड सेंट्रलाइज एडमिशन प्रोसेस के जरिए ईटीटी में दाखिला मिलता है।

सरकारी कॉलेज में कोर्स फीस 80 हजार जबकि प्राइवेट में 88 हजार रुपए है। सरकार की ओर से ईटीटी के बाद 280 अंकों के साथ टीईटी पास करने की शर्त लगा रखी है, इस मुश्किल परीक्षा को पास करने वाले 3 बैच के लगभग 16 हजार टेट पास ईटीटी अध्यापक बेरोजगार घूम रहे हैं। टीईटी पास सर्टिफिकेट की अवधि तीन साल का नियम बनाया गया है, इसके बाद दोबारा टीईटी देना पड़ेगा।

गाइडलाइन के बाद दाखिला प्रक्रिया शुरू, प्राइवेट कॉलेजों को सीटें खाली रहने की चिंता

दो वर्षीय ईटीटी (डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन) की अगस्त महीने में क्लासेज शुरू हो जाती हैं लेकिन कोविड-19 की वजह से सेशन 2020-22 के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सरकार की ओर से नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के आसार बने हैं, लेकिन ग्रेजुएशन की शर्त लगाने से कॉलेज प्रबंधकों को विद्यार्थियों में ईटीटी के प्रति मोह भंग होने से सीटें खाली रहने की चिंता सताने लगी है।

ग्रेजुएशन करके वे बीएड को तरजीह देंगे जिसमें उनका ग्रेड बढ़ेगा, वैसे भी ग्रेजुएशन के बाद बीएड के लिए एंट्रेस एग्जाम देकर दाखिला आसानी से मिल जाता है। ऐसे में ज्यादातर विद्यार्थी ईटीटी की इच्छा छोड़ देंगे। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से बीते साल ही ईटीटी के विद्यार्थियों को लाजिमी तौर पर ग्रेजुएशन करने की हिदायत दी थी।



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