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Saturday, August 1, 2020

पहले पांच संक्रमितों का घर में करेंगे इलाज सफलता मिली तो फिर लागू होगी नई व्यवस्था

अब बगैर लक्षण वाले कोरोना मरीजों को उनके घर पर क्वारेंटाइन कर इलाज किया जाएगा। रविवार से जिले में जो कोरोना मरीज मिलेंगे, उनमें से पांच ऐसे मरीजों को होम क्वारेंटाइन कर इलाज किया जाएगा, जिनमें वायरस का कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया हो। यदि यह मरीज घर पर रहकर ठीक होते हैं, तो जिले में नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। जिन मरीजों में कोरोना के कारण जरा सी भी परेशानी दिखाई पड़ेगी उन्हें अस्पताल में ही भर्ती किया जाएगा।
सरकार ने बगैर लक्षण वाले मरीजों को होम क्वारेंटाइन करने का निर्देश जारी किया है। जशपुर जिले को पांच मरीजों को होम क्वारेंटाइन कर ठीक करने का लक्ष्य दिया है। जिले में जुलाई में नए मरीजों की संख्या में कमी अाइर् है, वहीं ठीक होने वाले मरीजों की संख्या ही बेहद अच्छी है। ऐसे में होम क्वारेंटाइन से मरीज ठीक होने की भी बेहतर गुंजाइश है। कोरोना के सर्विलेंस आफिसर डॉ. आरएस पैकरा ने बताया कि अब तक जिले में जितने भी कोरोना मरीज मिले हैं, उनमें आधे से अधिक मरीज बगैर लक्षण वाले थे। उनकी इम्युनिटी अच्छी थी, इसलिए अस्पताल में उन्होंने बहुत जल्दी रिकवर कर लिया। होम क्वारेंटाइन कर इलाज के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए अब नए बगैर लक्षण वाले मरीजों को उनके घर पर ही क्वारेंटाइन किया जाएगा।

अलग कमरा, अलग बाथरूम सहित कई शर्तें
डॉ. आरएस पैकरा ने बताया कि किसी पॉजिटिव मरीज को होम क्वारेंटाइन करने से पहले निर्धारित शर्तों का पालन करने के लिए उसके घर का मुआयना किया जाएगा। यदि मरीज के घर में उसके लिए अलग बाहरी कमरा, उसके लिए अलग लेटबाथ, खाने के लिए अलग बर्तन सहित अन्य सुविधाएं होंगी तभी उसे होम क्वारेंटाइन किया जा सकता है। होम क्वारेंटाइन में रह रहा मरीज भी स्वास्थ्य कर्मियों की सतत निगरानी में होगा। मरीज की खबर हर रोज फोन काल के जरिए ली जाएगी। यदि मरीज को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, बुखार या कोई भी शारीरिक परेशानी होती है तो उसे तत्काल अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। जिस घर में होम क्वारेंटाइन में कोरोना का मरीज होगा, उस घर में लाल स्टीकर लगाया जाएगा और पड़ोसियों को सुरक्षा सबंधी समझाइश दी जाएगी।

दोनों अस्पतालों में हैं पर्याप्त बेड
मरीजों के इलाज व देखभाल के लिए कोविड केयर सेंटर व कोविड-19 हॉस्पिटल है। डोंड़काचौरा में लाइवलीहुड कॉलेज भवन में 150 बिस्तर केयर सेंटर है। यह 20 दिनों से खाली है। यह बगैर लक्षण वाले कोरोना मरीजों के बना है। जिला अस्पताल के पीछे बने एमसीएच बिल्डिंग को कोविड-19 हॉस्पिटल बनाया है।100 बिस्तर वाले हॉस्पिटल में ऑक्सीजन पाइप लगी है। वर्तमान में 15 एक्टिव मरीज भर्ती हैं। अस्पताल भवन में जगह खाली होने से बगैर लक्षण वाले मरीज होम क्वारेंटाइन ही किए जाएंगे।

अब तक 209 मरीज हो चुके हैं ठीक
जिले में मिले कोरोना के 224 मरीजों में से 209 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। डोंड़काचौरा के कोविड केयर सेंटर से 42 मरीजों को ठीक किया गया है। वहीं कोविड केयर सेंटर से अब तक 73 मरीज ठीक किए गए हैं। बीते 20 दिन से जिले से एक भी मरीज को इलाज के लिए प्रदेश के दूसरे कोविड हॉस्पिटल में भेजने की जरूरत महसूस नहीं हुई है।

सैंपल की जगह अब रेपिड जांच अधिक
अब सैंपल कलेक्शन के बदले रैपिड जांच पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि इसमें परिणाम जल्दी आते हैं। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में लैब में काम चलने से फिलहाल सैंपल कलेक्शन ना कर किट से जांच की जा रही है। दो दिन में 83 लोगों की रैपिड किट से जांच की गई है।



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If the first five infected people get treatment at home, then the new system will be implemented


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