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Saturday, August 1, 2020

छप्पड़ों और नहरों के किनारे भट्‌ठी लगाए रहते हैं तस्कर, पुलिस सिर्फ छोटी कार्रवाई तक सीमित

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद मरने वालों की संख्या कम होती। उल्लेखनीय है कि शराब तस्कर छप्पड़ों और नहरों के किनारे लाहन और भट्‌ठी छिपाकर रखते हैं। पुलिस सिर्फ छोटी-छोटी कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाती रहती है।

8 साल पहले भी बटाला में जहरीली शराब ने कहर बरपाया था। 6 अगस्त 2012 से लेकर 9 अगस्त 2012 के बीच बटाला में जहरीली शराब पीने से करीब 18 लोगों की मौतें हुई थी। अगस्त 2012 में इन 18 मृतकों में से 9 लोग बटाला के गांव जोहलनंगल के थे, जबकि 4 गांव बालेवाल के और 5 बटाला के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित थे। उस समय 12 के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।

जुलाई 2020 महीने में एक्साइज टीम ने गांव उमरपुरा, शामपुरा, खतीब, सनैय्या और हाथी गेट से 1600 लीटर एल्कोहल बरामद की थी। यह एल्कोहल गांवों में अधिकतर छोटी नहरों के किनारे और छप्पड़ों से बरामद हुई थी। जो बोतलों, कैनों और पैकेटों में पैक की हुई होती है। तस्कर छप्पड़ों में यह एल्कोहल छिपा देते हैं और मौका पाकर आगे बेच देते हैं।

वहीं दूसरी तरफ, शनिवार को थाना सिटी, सिविल लाइन, सदर की पुलिस के अलावा सीआइए स्टाफ और एक्साइज विभाग ने तीन टीमें तैयार कर दिनभर छापेमारी की। वहीं थाना सिटी के एसएचओ मुख्तयार सिंह के सस्पेंड होने के बाद एसएचओ तेजिंदर पाल सिंह की नियुक्ति की गई है।

डीसी ने पीड़ितों से की मुलाकात,कहा- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, किसी को बख्शा नहीं जाएगा

जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में डिप्टी कमिशनर गुरदासपुर मोहम्मद इश्फाक शनिवार पीड़ित परिवारों से मिले । इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन में एसएसपी बटाला रछपाल सिंह, सीनियर पुलिस अधिकारी, एसडीएम बटाला बलविंदर सिंह, एसएमओ डॉक्टर संजीव भल्ला और एक्साइज विभाग के अधिकारियों से मीटिंग की।

डीसी ने कहा कि घटना के पीछे जो भी आरोपी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मीटिंग के दौरान डीसी ने हिदायत दी कि जल्द से जल्द जांच करके आरोपियों का पता लगाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी जायदाद की जांच भी की जाए। प्रेसवार्ता के दौरान डीसी ने कहा कि पुलिस की तरफ से जांच की जा रही है।

कुछ मृतकों का पोस्टमार्टम भी किया गया है, रिपोर्ट आने का इंतजार है। वहीं शनिवार को थाना सिटी, सिविल लाइन, सदर की पुलिस के अलावा सीआइए स्टाफ और एक्साइज विभाग ने तीन टीमें तैयार कर छापेमारी की। यह छापेमारी दिन भर जारी रही। छापेमारी के दौरान एक्साइज टीम ने गांव शामपुरा से 50 बोतल एल्कोहल, थाना सिविल लाइन पुलिस ने बोली इंद्रजीत इलाके से 30 किलो लाहन और थाना सदर की पुलिस ने 200 किलो लाहन और 40 बोतल अवैध शराब गांव कोटला शरफ में पड़ी ड्रेन के पास से बरामद की है।

परिजनों की आर्थिक स्थिति खराब

जहरीली शराब पीकर मरने वालों में अधिकतर मृतकों के घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। मृतक तरसेम की बेटी प्रीति ने बताया कि उसके पिता कार ड्राइवर थे। हम 2 बहनें व एक भाई है । भाई अभी छोटा है। पिता की मौत के बाद से जिंदगी में अंधेरा सा छा गया है। सरकार को मृतकों के परिवारों की आर्थिक मदद करनी चाहिए।

जानकारी के अनुसार बटाला के हाथी गेट, शामपुरा , मुलेसनईया, खतीब, उमरपुरा, गांधी कैंप, शाहबाद, जालंधर रोड में रोजाना 60 हजार की एल्कोहल इन इलाकों में बिकती है। एक कैन में 50 लीटर एल्कोहल होती है। एक कैन की कीमत 3700 रुपए है। रोजाना इन इलाकों में 15 से 17 कैन एल्कोहल की बिक्री होती है।

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में लगेगा समय: एसएमओ

वहीं सिविल अस्पताल के एसएमओ संजीव भल्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में भी कुछ समय लगेगा। इसके बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग पाएगा। इसके लिए खरड़ व अमृतसर में लैब में सैंपल भेजे गए हैं।

आप-भाजपा बोलीं- परिजनों को दिया जाए उचित मुआवजा

जहरीली शराब से मौतों के मामले में सियासत गरमा गई है। शनिवार दोपहर भाजपा, आप व कांग्रेस के नेताओं ने मृतकों के घरों पहुंचकर परिजनों के साथ संवेदनाएं प्रकट की। भाजपा के जिलाध्यक्ष राकेश भाटिया ने कहा कि बटाला में 10 लोगों की हुई मौतों का जिम्मेदार कैप्टन सरकार, कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिन्द्र सिंह बाजवा और बटाला प्रशासन है।

भाटिया ने कहा कि पुलिस प्रशासन की अनदेखी व कांग्रेस की आपसी खींचतान की वजह से यह दुखद हादसा हुआ। भाटिया ने कहा कि बटाला के जिन लोगों की मौत हुई है। उनके घरों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय है। सरकार मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपए मुआवजा और पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरी भी दें। सरकार नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करे।

मामले की जांच सिटिंग जज से करवाई जाए: आप
आप के विधायक कुलतार सिंह संधवां और विधायक जय कृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा कि पंजाब में जंगल राज चल रहा है। आप के विधायकों ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख मुआवजा दिया जाए। मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज करवाई जाए।
मंत्री बाजवा नैतिकता के आधार पर दें इस्तीफा : सेखड़ी
पूर्व विधायक अश्वनी सेखड़ी ने कहा इतना बड़ा हादसा हो गया लेकिन मंत्री बाजवा पता नहीं कहां है। सेखड़ी ने कहा कि मृतकों की मौत जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री तृप्त राजिन्द्र सिंह बाजवा को नैतिकता के अाधार पर इस्तीफा देना चाहिए। वह सीएम से मांग करते है कि मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजे दिया जाए। वहीं इस संबंध में कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिन्द्र सिंह बाजवा से संपर्क नहीं हो पाया।



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Smugglers continue to place kilns along the sides of canals and canals, police limited to only small action


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