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Sunday, September 6, 2020

पिता को बोला था 15 मिनट में आता हूं, एक घंटे बाद आई मौत की खबर, चार महीने बाद जमानत पर आया था परिवार का इकलौता बेटा संधू

(चंदन ठाकुर) पंजाब सरकार ने प्रदेश में शाम 6:30 बजे लेकर सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा रखा है। पुलिस ने ये नियम लागू होते ही कुछ दिन तक रात को बेवजह घूमने वाले लोगों के चालान काटे, उसके बाद ये कार्रवाई बंद हो गई। शनिवार की देर रात यूथ अकाली दल के उपप्रधान सुखनप्रीत संधू का मर्डर भी नाइट कर्फ्यू में ही हुआ। अकाली नेता की हत्या भी 9.30 से लेकर 10 बजे के बीच हुई है। ऐसे में हत्यारे वारदात काे अंजाम देने के बाद फरार हो गए और पुलिस ने किसी भी नाके पर चेक ही नहीं किया।
सुखनप्रीत संधू पिछले करीब चार-पांच सालों से यूथ अकाली दल से जुड़ा हुआ था और उसे पार्टी में सक्रिय रहने के कारण यूथ अकाली दल का उपप्रधान नियुक्त कर दिया गया। अक्सर सोशल मीडिया में एक्टिव रहना वाला सुखनप्रीत संधू बठिंडा की लाल सिंह बस्ती गली नंबर 9 का रहने वाला था। उसके पिता गुरविंदर सिंह प्रॉपर्टी डीलर का काम करते हैं। परिवार में मां परमजीत कौर के अलावा 23 साल की बहन अमनप्रीत कौर है जो विदेश में पढ़ाई कर रही है। सुखनप्रीत संधृ परिवार का इकलौता बेटा था। वह अभी कुंवारा था।
लोकसभा चुनाव में दर्ज हुआ था इरादा कत्ल का केस
सुखनप्रीत के पास पहले मालवा जोन के सचिव का पद था। पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान उसने स्थानीय लाल सिंह बस्ती स्थित वोटिंग बूथ पर हुई लड़ाई के दौरान कांग्रेसी नेताओं पर गोली चला दी थी। इसके बाद इरादा कत्ल का मामला दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि करीब चार माह तक जेल में रहने के बाद वह जमानत पर आया था।

उधर पूर्व विधायक सरूपचंद सिंगला ने यूथ अकाली नेता की हत्या के मामले की जांच उच्चाधिकारियों से करवाने की मांग की है। सिंगला ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से डांंवाडोल हो रही है, जबकि अब शिअद के पदाधिकारियों पर जानलेवा हमला होने लगे हैं।
घर से लेकर निकला था 40 हजार रुपए
थाना कैनाल कालोनी पुलिस को बयान देकर गली नंबर 9 लाल सिंह बस्ती के रहने वाले गुरविंदर सिंह ने बताया कि शनिवार रात करीब सवा नौ बजे उसका 21 वर्षीय बेटा सुखनप्रीत सिंह संधू उर्फ सुखन घर से 40 हजार रुपए की नकदी व नई एक्टिवा लेकर निकाला था। वह घर पर बोलकर गया था कि उसने यह पैसे किसी को देने हैंं और 15 मिनट में वापस आ जाएगा। लेकिन 15 मिनट में सुखनप्रीत तो वापस नहीं आया, एक घंटे बाद उसकी मौत की खबर जरूर आ गई। डीएसपी गुरजीत रोमाणा ने कहा कि हत्या के इस मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही हैं। जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लेंगे।



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रेलवे कॉलोनी में सड़क किनारे पड़ा मिला सुखनप्रीत संधू का शव।


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