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Thursday, September 3, 2020

निजी स्कूलों की मनमानी जांचने 18 दल बनाए, 3 दिन में देंगे रिपोर्ट

निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए 18 समितियां बनाई हैं और जिले के सभी 125 निजी स्कूलों की जांच कर इसकी रिपोर्ट तीन दिनों में सौंपने कहा है। जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समितियों को स्कूलों की सूची भी दे दी गई है।
जांच में मुख्य रूप से 7 बिंदु शामिल किए गए हैं। इनमें फीस लिए जाने के लिए प्रबंधन द्वारा बनाए जा रहे दबाव के साथ ही स्कूल परिसर से ही पुस्तक-कॉपी बेचने, आरटीई के जरिए बच्चों को पढ़ाने उनसे शुल्क लिए जाने की जांच समितियों द्वारा की जाएगी। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से पालकों का आक्रोश बढ़ रहा था।

हर जांच दल में 1 अफसर और 2 कर्मचारी शामिल
डीईओ द्वारा 18 जांच दल गठित किए गए हैं। हर एक दल में 3-3 अफसर-कर्मचारी हैं। इसमें एक दल प्रभारी तो दो सदस्य नियुक्त किए गए हैं। दलों द्वारा बस्तर जिले के सभी 125 निजी स्कूलों की जांच कर बिंदुवार उसकी रिपोर्ट तैयार किए जाएंगे। हरेक दल में एक अफसर और दो कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

क्या हैं निजी स्कूलों में जांच के बिंदु

  • संस्था के शुल्क की दरों पर शैक्षणिक सत्र 2018-20 और 2020-21 की मदवार निर्धारित शुल्क में वृद्धि होने पर उसकी तुलनात्मक जानकारी तैयार होगी।
  • संस्था द्वारा लंबित पिछले सालों में शुल्क को लेकर क्या कार्यप्रणाली अपनाई गई है, इसमें पालकों और बच्चों पर किस प्रकार का दबाव बनाया गया है?
  • ऑनलाइन और स्मार्ट क्लास के शुल्क पर क्या संस्थाओं द्वारा शिक्षण शुल्क यानि ट्यूशन फीस के अतिरिक्त भी कोई शुल्क लिया जा रहा है?
  • क्या संस्था परिसर में स्कूल द्वारा पुस्तक सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री बेची जा रही है? इनमें पुस्तकों के अलावा अभ्यास पुस्तिकाएं, टाई-बेल्ट, बैच, गणवेश आदि शामिल हैं या नहीं? वहीं जिन पब्लिशर्स की पुस्तकों से पढ़ाया जा रहा है, वे बाजार में उपलब्ध हैं या नहीं? पालकों व बच्चों पर स्कूल से ही किताबें खरीदने दबाव डालने के साथ ही एनसीईआरटी की पुस्तकों से अध्यापन की स्थिति को भी शामिल किया गया है।
  • संस्थाओं द्वारा किन-किन कक्षाओं के लिए प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है? क्या पहले से पढ़ रहे बच्चों से हर कक्षा में प्रवेश के लिए दोबारा शुल्क लिया जा रहा है?
  • संस्थाओं द्वारा लिए जा रहे शुल्क के तहत दस्तावेजों की जांच, जिसमें रसीद बुक, लेजर बुक, कैशबुक और मदवार व्यय पंजी की जांच और बच्चों से लिए जा रहे शुल्क का सत्यापन करने कहा गया है।
  • शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्रवेश ले चुके बच्चों से भी शुल्क लिए जाने की शिकायत पर संस्था के दस्तावेजों और रजिस्टरों से आरटीई बच्चों की सूची का मिलान कर शुल्क भुगतान की पूरी जानकारी और शिकायत मिलने पर इस पर पालकों का मत भी लेने कहा गया है।


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