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Friday, September 4, 2020

एनओसी की आस में 3 साल प्लांट चलाती रही एटूजेड, 10 दिनों से बंद, 11000 मी.टन कूड़ा डंप, शहर से रोज निकलता है 1100 मीट्रिक टन कचरा

कंसेेंट टू ऑपरेट की मंजूरी न मिलने का बहाना बनाते हुए एटूजेड कंपनी ने पिछले 10 दिनों से कूड़े की प्रोसेसिंग का प्लांट बंद कर रखा है। गौर हो कि शहर से रोजाना 1100 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इस तरह से पिछले 10 दिनों में ताजपुर रोड डंप साइट पर 11000 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हो गया है। हैरानी की बात ये है कि तीन सालों से एनओसी की आस में यहां पर प्लांट चल रहा है।
तीन बार पीपीसीबी की हेयरिंग में भी बात सामने आई थी कि कंपनी 100 फीसदी प्रोसेसिंग नहीं कर रही, 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। लेकिन निगम के अधिकारियों ने शहर से सिर्फ कूड़ा उठवाने तक ही अपनी जिम्मेदारी निभाई है। जबकि प्लांट पर प्रोसेसिंग पूरी चल रही है या नहीं, इसकी आज तक जांच नहीं हुई।

मीटिंग में फैसला: कंपनी 100% प्रोसेसिंग की अंडरटेकिंग दे तो पीपीसीबी दे देगा एनओसी
इस विवाद को खत्म करने के लिए मेयर बलकार सिंह संधू ने कैंप ऑफिस में मीटिंग बुलाई। मेयर ने सही प्रोसेसिंग न होने पर कंपनी को फटकार लगाई। अब आगे प्लांट चलाने से पहले पीपीसीबी के सीनियर एनवायरमेंट इंजीनियर संदीप बहल ने ये शर्त रखी है कि प्लांट चलाने के लिए कंसेंट टू ऑपरेट सर्टिफिकेट वे 48 घंटों में जारी कर देंगे, लेकिन कंपनी पहले निगम के हवाले से 100 फीसदी प्रोसेसिंग की अंडरटेकिंग दे।

इस पर मेयर और कमिश्नर के समक्ष कंपनी ने अंडरटेकिंग देने की बात कबूल करते हुए सोमवार तक अप्लाई करने की बात कह दी है। मीटिंग में निगम कमिश्नर प्रदीप कुमार सभ्रवाल, पीपीसीबी के सीनियर एनवायरमेंट इंजीनियर संदीप बहल और एटूजेड कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अशाेक सैनी, डीजीएम विशांत चौधरी मौजूद थे।

एटूजेड पर लग चुका है 10 लाख जुर्माना
कंसेंट टू ऑपरेट दिसंबर 2017 से एटूजेड कंपनी के पास नहीं है, जबकि पीपीसीबी ने कई बार नोटिस भी जारी किए हैं। अब प्लांट को एटूजेड ने ये कहते हुए बंद कर दिया है कि उनकी एप्लीकेशन को रद्द कर दिया गया है। पीपीसीबी के बार-बार नोटिस जारी किए जाने पर कंपनी ने 2019 में कंसेंट टू ऑपरेट के लिए अप्लाई किया था।

लेकिन इस दौरान भी पीपीसीबी ने पाया कि प्लांट पर 100 फीसदी प्रोसेसिंग ही नहीं हो रही है। पीपीसीबी की तरफ से 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। प्लांट बंद करने के अलावा एटूजेड ने शहर में लिफ्टिंग भी कम कर दी है। जिससे शहर के सेकेंडरी कूड़ा डंप खाली नहीं हो पा रहे हैं।

^एटूजेड कंपनी को 100% प्रोसेसिंग करने को कहा है, अगर ऐसा नहीं किया तो कंपनी पर एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा शहर से समय पर कूड़ा लिफ्टिंग न होने पर भी सख्त चेतावनी दी है। -बलकार सिंह संधू, मेयर लुधियाना।

^मीटिंग में फैसला हुआ है कि हमें 48 घंटों में ही कंसेंट टू ऑपरेट की मंजूरी मिल जाएगी। इससे पहले हम पीपीसीबी को अंडरटेकिंग देंगे। सोमवार तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
-विशांत चौधरी, डीजीएम एटूजेड कंपनी लुधियाना



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शहर में प्रतिदिन निकलता है 1100 मीट्रिक टन कूड़ा।


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