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Monday, September 7, 2020

खेती ऑडिनेंस, बिजली संशोधन एक्ट और जबरन कोरोना टेस्ट के विरोध में किसानों ने घेरा डीसी ऑफिस, नारेबाजी

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर करीब 1500 किसानों ने दोपहर 1 बजे डीसी दफ्तर का घेराव किया और जेल भरो मोर्चा शुरू करते हुए 51 किसान कार्यालय के बाहर बैठकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। देर शाम 5: 30 बजे तक भी किसानों को पुलिस हटा नहीं सकी। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर तैनात पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और कोरोना हिदायतों की धज्जियां उड़ती रहीं।

यही नहीं शहर में लागू धारा-144 भी काम नहीं आई। सारी व्यवस्थाएं किसानों को रोकने में फेल रहीं। कमेटी के पंजाब महासचिव श्रवण सिंह पंधेल ने कहा कि सरकारें किसानों के साथ अन्याय कर रही हैं। बिजली संशोधन बिल से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा। मंडी बोर्ड के निजी हाथों में जाने से फसलों की खरीद बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 1 साल में 42 हजार किसानों ने आत्महत्याएं कीं, जो सरकार की नीतियों की हकीकत को बयां करता है।

गिरफ्तारी देने से पहले सम्मानित
यूनियन के पदाधिकारियों ने किसान हरविंदर सिंह, हरदयाल सिंह, गुरमीत सिंह, सुरिंदर सिंह, वीरन, जगतार सिंह, अजय पाल सिंह, जसबीर कौर, चरनजीत कौर, कश्मीर कौर, परमजीत कौर, राजबीर कौर, सुरिंदर कौर, जसबीर कौर, रंजीत कौर सहित 51 किसानों को जेल भरो मोर्चा के तहत गिरफ्तारी से पहले ही सिरोपा और माला पहनाकर सम्मानित किया। इसके बाद सभी किसान डीसी कार्यालय के गेट के सामने बैठकर विरोध घंटो विरोध जताया। किसानों की संख्या इतनी अधिक थी कि उनको रोकने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रही।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं किसान

  • बिजली संशोधन बिल के पास हो जाने पर किसानों को मिलने वाली 200 रुपए की सब्सिडी खत्म हो जाएगी।
  • कैप्टन सरकार जबरन लोगों को पकड़वाकर कोरोना टेस्ट करवा रही है। यह बंद किया जाए।
  • बिजली बोर्ड का निजीकरण होने के बाद किसानों को सालाना बिजली बिल का 72 हजार रुपए देना होगा।
  • कार्पोरेट घरानों का खेती में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
  • मंडी बोर्ड के निजी हाथों में चले जाने के बाद किसानों के धान व अन्य फसलों की खरीद बंद हो जाएगी।
  • बाबा बकाला के कुछ गांव हटाकर ब्यास को तहसील बनाने का गलत फैसला लिया गया है।

जारी रहेगा विरोध
गुरबचन सिंह चब्बा ने कहा कि किसानों की मांगे जब तक सरकारें नहीं मानती विरोध-प्रदर्शन चलते रहेंगे। 14 सितंबर को संसद शुरू हो रही है। सरकार खेती ऑर्डिनेंस और बिजली सांशोधन बिल को रद्द करे। जिला सीनियर मीत प्रधान रंजीत सिंह ने बताया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती प्रदर्शन जारी रहेगा।



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Farmers encircle DC office, sloganeering in protest against Farming Audience, Electricity Amendment Act and Forced Corona Test


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