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Saturday, September 5, 2020

जगतार ने बच्चों में साहित्यिक रुचि पैदा की, महल ने सैलरी के पैसों से स्कूल को किया विकास, प्रितपाल सिंह ने सुधारा परिणाम

प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला फिरोजपुर के 3 अध्यापकों जगतार सिंह सोखी पंजाबी अध्यापक सरकारी हाई स्कूल कबरवच्छा, महल सिंह हेड टीचर सरकारी प्राइमरी स्कूल भांगर ब्लाक सतीएवाला को अध्यापक राज्य पुरस्कार 2020 व प्रितपाल सिंह कंप्यूटर टीचर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजोके उसपार को यंग टीचर अवाॅर्ड के साथ सम्मानित किया गया।

प्रदेश सरकार की ओर से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले अवाॅर्ड के लिए जिले से 9 शिक्षकों ने स्टेट अवार्ड के लिए तो 9 शिक्षकों ने यंग टीचर अवाॅर्ड के लिए आवेदन किया था। शिक्षकों द्वारा किए गए कार्यों की फाइल जमा करवाई गई थी जिसमें पीपीटी बनाकर अपने कार्यों का ब्याेरा दिया गया। इसी के आधार पर अवाॅर्ड के लिए चयन किया गया है।

  • स्टेट अवॉर्ड के लिए 9 व यंग टीचर अवाॅर्ड 9 आवेदन हुए थे

जगतार सिंह सोखी, पंजाबी टीचर राजकीय मिडल स्कूल, कबरबच्छा

स्टेट रिसोर्स पर्सन पंजाबी प्राप्तियां, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कान्फ़्रेंसों में पंजाबी भाषा के विकास की पैरवी करना। चित्रकला प्रदर्शनियां लगानी, नशों और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध साइकिल रैलियां निकाली, बच्चों में साहित्यिक रुचि पैदा करने के लिए बाल रसाले ‘महक सिंदूरी’ का संपादक। अध्यापकों की विषय प्रशिक्षण के लिए मोड्यूल तैयार किए।

महल सिंह (हेड टीचर), सरकारी प्राइमरी स्कूल भांगर ब्लाक सतीए वाला
हेड टीचर महल सिंह की ओर से स्कूल की दशा सुधारने में करीब 3 लाख रुपए खर्च किए गए हैं जिनमें एक रुपए की भी सरकारी ग्रांट उन्हें नहीं मिली। इसमें से करीब 50 प्रतिशत पैसा उन्होंने अपनी सैलरी में से खर्च किया है तो वहीं 50 प्रतिशत स्टॉफ, ग्राम पंचायत व एनआरआई लोगों ने सहयोग किया है। 4 गांवों के लोगों ने अपने बच्चों को भांगर के स्कूल में भेजना शुरू किया है।

प्रितपाल सिंह, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजो के उसपार

​​​​​​​यंग अध्यापक प्रितपाल सिंह ने बॉर्डर एरिया के पिछड़े इलाके के स्कूल में मुश्किल हालातों के बीच शानदार परिणाम दिए हैं। उन्हें स्कूल के विकास के लिए तनदेही से योगदान दिया व सरहदी क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ जोड़ने में अहम योगदान दिया।

प्रिंसिपल डॉ. शंकर चौधरी ने स्कूल को बनाया स्मार्ट

  • डॉ. शंकर चौधरी जिला फाजिल्का के सरकारी प्राइमरी स्कूल शेरगढ़ से बतौर ईटीटी अध्यापक अध्यापन कित्ता शुरू करने वाले डॉ. शंकर चौधरी ने तब इस स्कूल को स्मार्ट स्कूल में तब्दील किया था जब किसी प्राइवेट स्कूल ने यह संकल्प सोचा भी नहीं था इसके बाद बतौर सस मास्टर व बतौर लेक्चरर कॉमर्स जिस भी स्कूल में रहे पूरी तनदेही से सेवा की। साल 2008 से 2012 तक बतौर जिला कोआर्डिनेटर पढो पंजाब जिला फिरोजपुर भी ड्यूटी निभाई जिस दौरान सरहदी जिले को प्राइमरी शिक्षा के क्षेत्र में पूरे पंजाब में चमकाया।
  • मनजीत पक्खी कला (फरीदकोट) के रहने वाले हैं। यह गांव खोखर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पंजाबी लेक्चरर के तौर पर तैनात हैं। इन्होंने एमए पंजाबी, एम फिल, यूजीसी की शिक्षा हासिल की हुई है। इनकी ज्वाइनिंग 11 दिसंबर 2006 को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चडिक, मोगा में हुई थी, 2008-2015 तक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल महिताबराड , मोगा में सेवाएं दी, 2015 से 2017 तक सरकारी इन सर्विस ट्रेनिंग सेंटर फरीदकोट और अब सितंबर 2017 से खोखर में सेवाएं दे रहे हैं।
  • मुक्तसर के गांव सुरेवाला के सरकारी हाई स्कूल के मुख्य अध्यापक अतुल कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अब तक 52 विद्यार्थी नेशनल मीनज कम मेरिट स्कॉलरशिप परीक्षा में सफल हो चुके हैं व गत दस सालों में स्कूल 7 साल जिले में अव्वल रहा है। इनकी नियुक्ति 2008 में अंग्रेजी अध्यापक के रूप हुई।


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