�� Online shopping Info �� All types of letest tech Info update is provided hare (tech,shopping,auto,movie,products,health,general,social,media,sport etc.) Online products Shopping

test

Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

Saturday, September 5, 2020

बाढ़ से गश्त घटी, नक्सली बेखौफ

बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के पुसानार ग्राम के ध्रुवापारा में रहने वाले ग्रामीण सन्नू पुनेम और सन्नू ध्रुवा की नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में हत्या कर दी है। हत्या के पहले नक्सलियों ने जनअदालत भी लगाई थी। इस जनअदालत में पुसनार गांव के लोगों को भी जबरन बुलाया गया था और गांव के लोगों को नक्सली अपने साथ ही बंदूक की नोक पर ले गए थे। पुसनार के अलावा आसपास के गांव के लोगों को भी यहां जमा किया गया था। घटना गुरुवार की रात की है और हत्या का खुलासा शनिवार को हो पाया है।
जिस इलाके में नक्सलियों ने जनअदालत लगाई थी और जहां पुसनार गांव मौजूद है वह इलाका काफी अंदरूनी है और वहां तक पहुंचने के लिए फोर्स को कई उफनते नदी-नालों को पार करना पड़ता है। इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी भी नहीं हैं। बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि दो ग्रामीणों की मौत की पुष्टि हो गई है और अन्य दो ग्रामीणों की मौत के संबंध में अभी अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है।

रात में नक्सली आए, गांव वालों के साथ मेरे पिता को ले गए
मां ने मुझे बताया कि गुरुवार की रात अचानक ही नक्सली आए, सब घर पर ही थे, पिता भी साथ थे, हथियारबंद नक्सलियों ने दरवाजा खटखटाया और पिता को अपने साथ चलने कहा। नक्सलियों की गांव में मौजूदगी के बाद दहशत का माहौल बन गया। नक्सली जबरन उन्हें अपने साथ ले गए। थोड़ी देर बाद पता चला कि गांव के ही सन्नू ध्रुवा को भी नक्सली साथ ले गए हैं। इसके अलावा कुछ अन्य ग्रामीणों को भी अपने साथ ले गए हैं। इसके बाद शुक्रवार को पता चला कि डूंगरीपालनार के पास दोनों की लाश पड़ी है।
(जैसा कि मृतक सन्नू पुनेम के बेटे ने थाने में दर्ज शिकायत में बताया)

4 की खबर, 2 लोगों की हत्या की पुष्टि
जनअदालत लगाकर नक्सलियों ने 4 लोगों ही हत्या की थी लेकिन शनिवार देर शाम तक सिर्फ दो लोगों की ही मौत की पुष्टि हो पाई थी। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने पुसनार गांव के पास के ही एक अन्य गांव के ग्रामीणों की हत्या की है। इनके शवों को दंतेवाड़ा-बीजापुर के बॉर्डर पर फेंका गया है। हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी इन मौतों को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जानकारी लिये जाने की बात कही जा रही है।

अब दबाव बनाने ऐसी वारदात कर रहे
नक्सली पिछले कुछ समय से अपने 10 साल पुराने पैटर्न पर लौट आए हैं। नक्सलवाद की जड़ें जब बस्तर में मजबूत नहीं थी तब नक्सली ऐसे ही इक्का-दुक्का हत्याएं कर गांव-गांव में दहशत फैलाने में सफल हुए थे। मुखबिरी के आरोपों में की गई हत्याओं के बाद लाल आंतक को मजबूती मिली थी और ग्रामीण दहशत में नक्सलियों का साथ देने लगे थे। इधर हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा नक्सलियों के कई बड़े लीडर भी मारे गए हैं।

ऐसी कायराना हरकत ही नक्सल संगठन के खात्मा का कारण बनेगी: आईजी सुंदराज
बस्तर आईजी सुंदराज पी ने कहा कि चलाए गए ऑपरेशन में उनके कई कैंप ध्वस्त किए गए हैं और इन ऑपरेशनों में कई नक्सली भी मारे गए हैं। अभी जो बस्तर में माहौल है। उसमें लोग समझ गए हैं कि नक्सली आंदोलन का कोई भविष्य नहीं है। यही कारण है कि बड़ी तादाद में नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण भी किया गया है। बाहरी नक्सलियों द्वारा निर्दोष ग्रामीणों की हत्या व मारपीट कर आतंकित वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन उनके ये गलत विचार और कायराना हरकत ही बस्तर क्षेत्र से नक्सल संगठन के खात्मे का कारण बनेंगे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Patrolling by floods, naxalites fearless


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/32YO3kQ

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages