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Friday, September 18, 2020

जंडियाला में प्राॅपर्टी रजिस्ट्री के लिए अप्वाइंटमेंट लिया, सिस्टम में दूसरे के नाम रसीद कर दी लॉक

पंजाब सरकार ने जमीन-जायदादों की रजिस्ट्री कराने के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट की सुविधा तो दे रखी है, लेकिन गड़बड़झाला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तत्काल अप्वाइंटमेंट में धांधली की आशंका पर जांच की मांग उठी थी। अब जमीनों की रजिस्ट्रियां कराने के लिए रजिस्ट्री फीस जमा करने के बाद दूसरे के नाम से रसीद लॉक करने का मामला सामने आया है।

एडवोकेट अमन कपूर का कहना है कि जंडियाला सब-तहसील में उनके क्लाइंट को 53 हजार की रजिस्ट्री करानी थी जिसके लिए 2580 रुपए फीस जमा की। शुक्रवार को जब रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो रजिस्ट्री फीस किसी और के नाम से लॉक मिली। दोबारा रसीद निकलवाने के लिए उन्हें 2580 रुपए जमा कराने पड़े। सब तहसील से जो फीस रसीद निकली है उसकी रसीद संख्या 9296 है।

उन्होंने बताया कि यह पहला मामला नहीं जब रजिस्ट्री फीस की रकम उनको अलग से जमा करनी पड़ी हो। एक महीने पहले तहसील-2 में 2.33 लाख के जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए रजिस्ट्री फीस 6300 रुपए जमा किए थे, लेकिन यह दूसरे के नाम पर लॉक कर दिया गया और दोबारा से उतनी रकम जमा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जमीनों की रजिस्ट्री के लिए जिस तहसील का मामला है, वहां लॉक न होकर दूसरे तहसील में सब रजिस्ट्रार रजिस्ट्री फीस लॉक कर रहे हैं।

जंडियाला सब तहसील में जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो यहां उनको बताया कि कहीं और रजिस्ट्री फीस लॉक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को रजिस्ट्रियां कराने के लिए आए दिन गड़बड़झाले के कारण अतिरिक्त रुपए देने पड़ रहे हैं। गनीमत रही कि रजिस्ट्रियां कम रकम की थीं, यदि 10 लाख रुपए से अधिक की रजिस्ट्री हुई तो लोगों की बड़ी रकम डूबने का डर है।

क्या है रजिस्ट्री फीस लॉक करना
एडवोकेट अमन बताते हैं कि रजिस्ट्री कराने के लिए जो भी रकम होती है उसका 2% रजिस्ट्री फीस के तौर पर देना होता है। फीस सरकार के खाते में पहुंचते ही सब रजिस्ट्रार उसे लॉक कर देते हैं ताकि दोबारा कोई उसका यूज न कर सके। लेकिन हैरान करने वाली बात है कि जिस तहसील का मामला है वहां लॉक न होकर कहीं और तहसीलों में सब-रजिस्ट्रार के द्वारा लॉक कर दी गई है।

हेड ऑफिस से लॉक होती है फीस : नायब तहसीलदार

रजिस्ट्री फीस हेड ऑफिस से लॉक होती है। सब-रजिस्ट्रार का काम सिर्फ रजिस्ट्रियों को चेक करके रजिस्ट्रियां करने का होता है। हालांकि यदि ऐसा मामला है तो लोग उनके पास शिकायत कर सकते हैं, उच्च अफसरों के संज्ञान में लाकर उसका समाधान कराया जाएगा।
- अर्चना शर्मा, नायब तहसीलदार, सब तहसील जंडियाला



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