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Friday, October 30, 2020

सरकार ने पर्ची से चालान भुगतने पर लगाई रोक, चालान कट चुके 4.80 लाख वाहनों के खंगाले जाएंगे दस्तावेज

(अनुभव अवस्थी)
वाहनों के लाइसेंस आरसी हेलमेट आदि के चालान की धनराशि पर्ची से जमा होने के मामले में सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने जांच सेक्रेटरी आरटीए को सौंपी है। इसके साथ ही पर्ची पर पेनल्टी पर धनराशि लिखने पर रोक लगा दी गई है।


इस मामले में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के पास ईमेल के द्वारा एक शिकायत भेजी गई थी, जिसमें बताया गया था कि आरटीए क्लर्क चालानों के भुगतान की राशि हड़प रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डिपार्टमेंट की ओर से 2016 से लेकर अब तक यानी करीब 4 साल में हुए 4.80 लाख से अधिक वाहनों के चालानों से संबंधित तमाम प्रकार के दस्तावेज खंगाले जाएंगे। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने सभी चालानों के भुगतान की राशि को ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं।

धांधली की जांच के लिए 2016 से अब तक हुए चालान होंगे ऑनलाइन

लॉकडाउन में लोगों को घरों में रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर वाहनों की चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में चालान हुए। इन चालानों को जमा करने के लिए आरटीए कार्यालय में पर्ची पर भुगतान की राशि लिखकर संबंधित काउंटर पर जमा करने का धंधा खूब चला।

लॉकडाउन के दौरान चालान हुए वाहन जिस थाने में खड़े थे, वहां से लेकर आरटीए कार्यालय तक वाहनों की पेनल्टी का भुगतान पर्चियों के माध्यम से किया है। आरटीए कार्यालय के डीलिंग क्लर्क की मानें तो हर दिन जिलेभर में की अनदेखी पर आरटीए व ट्रैफिक पुलिस के साथ अन्य माध्यमों के द्वारा 500 से अधिक छोटे-बड़े से लेकर कमर्शियल वाहनों के लाइसेंस, आरसी, पॉल्यूशन, ओवरलोड सहित तमाम ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर चालान हुए हैं।

वाहनों के चालान की प्रक्रिया अमूमन महीने में 20 से 22 दिन तक चलती है। इस प्रकार से 1 महीने में आरटीए कार्यालय में करीब 1.20 लाख वाहनों के चालान जमा होते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर 4 साल में 4.80 लाख वाहनों के चालान हुए हैं।

आरटीआई एक्टिविस्ट ने 1 महीने पहले की थी शिकायत

आरटीए कार्यालय में बीते कई वर्षों से विभिन्न चरणों की पेनल्टी पर्ची में लिख लिख दी जाती है और उसे वाहन स्वामी संबंधित विंडो पर जमा कर देते हैं मगर उन्हें यह नहीं पता कि वास्तव में उनका पैसा जमा हो रहा है या नहीं।

इसका खुलासा लॉकडाउन के दौरान हुआ, जब ऐसे कई मामले आए, जिनके वाहन पकड़े जाने पर पहले हुए वाहनों के चालान जमा हुए शो नहीं कर रहे थे। इसको लेकर लॉकडाउन के दौरान कई लोग आरटीए कार्यालय में विरोध दर्ज करा चुके हैं। जमा हुए चालानों में धांधली की शिकायत कांग्रेस के सीनियर नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट संजय सहगल ने सरकार के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से एक माह पूर्व की थी, जिसके बाद पूरे मामले में जांच के आदेश हुए हैं।

आरटीए सेक्रेटरी ने कहा- डेटा कंप्यूटर में फीड करने का काम शुरू
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से बीते 4 वर्षों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का आदेश मिलते ही आरटीए सेक्रेटरी बरजिंदर सिंह ने कार्यालय के एक कर्मचारी को वाहनों को सभी प्रकार के वाहनों के चालान कंप्यूटर में फीड करने के काम में लगा दिया है।

इस संदर्भ में आरटीए, सेक्रेटरी का कहना है कि विभाग की ओर से सभी प्रकार के चालानों को कंप्यूटर में फीड कराने के आदेश दिए गए हैं। चालानों के दस्तावेज ऑनलाइन होने से कितने चालान जमा हुए हैं और कितने नहीं जमा हुए हैं, इसकी भी जांच-पड़ताल हो जाएगी। यदि लोगों के चालान जमा करने में गड़बड़ी हुई है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।



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Government prohibits payment of challan from slip, documents of 4.80 lakh vehicles which have been challan cut


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