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Monday, October 5, 2020

बच्ची का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे परिजन को डॉक्टर ने क्लीनिक बुलाया, इंजेक्शन लगाते ही हो गई मौत

बलरामपुर के जिला अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर की लापरवाही से बच्ची की मौत उसकी निजी क्लीनिक में हो गई। इस आरोप के साथ बच्ची के पिता ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की है। आरोप है कि है कि बच्चे को गुरा वाला घाव हुआ था, इस पर परिजन उसे रामानुजगंज स्थित डॉक्टर की क्लीनिक में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे दूसरे मरीज के लिए तैयार इंजेक्शन को लगा दिया। इसके बाद बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर को पचावल गांव निवासी प्रेमनारायण सोनी अपनी पुत्री सुप्रिया सोनी को घाव होने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जिला अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ लीलाधर मिले, उन्होंने सलाह दी कि घाव को सर्जन को दिखाएं। इसके बाद बाद बच्ची के पिता ने फोन से जिला अस्पताल में पदस्थ सर्जन रमेश कुमार रवि से बात की, तब उन्होंने रामानुजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने को कहा। वहां पहुंचे तो परिजनों ने ओपीडी की पर्ची ली और फिर फोन से डाॅ. रवि से सम्पर्क किया तो उन्होंने क्लीनिक पर बुलाया और इलाज किया। मामले में डॉक्टर रवि ने कहा कि इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची बेहोश हुई और मौत हो गई, ये हमारा दुर्भाग्य है। पुलिस को जांच में सहयोग कर रहे हैं।

इंजेक्शन लगाते ही बच्ची हो गई बेहोश और फिर नहीं उठी
क्लीनिक में डॉक्टर ने बच्ची को इंजेक्शन दिया और वह बेहोश हो गई। जब होश नहीं आया तो सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र पहुंचे जहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर रवि का कहना है कि बच्ची को दूसरा इंजेक्शन नहीं दिया गया। उन्होंने जो इंजेक्शन दिया था उसे जांच के लिए पुलिस को दिया है। सीएमएचओ ने मामले की जांच के निर्देश बीएमओ को दिए हंै। बीएमओ ने पीएम रिपोर्ट के बाद जांच रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।

जिला अस्पताल के डॉक्टर ने ही इलाज कराने बुलाया रामानुजगंज
डाॅक्टर की लापरवाही के कारण जिला अस्पताल में एक साधारण घाव की सर्जरी के लिए आई एक साल की बच्ची को जिला अस्पताल अंबिकापुर रेफर करने के बजाय रामानुजगंज भेजा गया। जिला अस्पताल में पदस्थ शासकीय डाॅक्टर रामानुजगंज के प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के लिए बुलाया। जिला अस्पताल में पदस्थ अन्य चिकित्सक भी बलरामपुर में प्राइवेट क्लीनिक के माध्यम से सेवा देते हैं।

विधायक ने एम्बुलेंस का उद्घाटन नहीं किया इसलिए नहीं मिली
जब जिला अस्पताल में सर्जन के नहीं होने पर दूसरे अस्पताल में ले जाने परिजनों ने एम्बुलेंस की मांग की तो एम्बुलेंस नहीं होने का बहाना बना दिया गया। भाजपा ने यह भी कहा है कि उस समय अस्पताल में नई एम्बुलेंस खड़ी थी। उसे यह कहकर नहीं दी गई कि विधायक ने उसका उद्घाटन नहीं किया है। उद्घाटन के बाद ही उसका उपयोग होगा। इस तरह दो घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस पहुंची, तब बच्ची को उसके माध्यम से रामानुजगंज ले जाया गया।

भाजपा ने जांच के लिए टीम गठित कर कार्रवाई की मांग की
बलरामपुर के जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा व सांसद प्रतिनिधि धीरज सिंह देव के नेतृत्व में बलरामपुर कलेक्टर श्याम धावड़े से मुलाकात कर जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं से अवगत कराते हुए बच्ची की मृत्यु के मामले की उच्चस्तरीय कमेटी गठन कर जांच कराने साथ ही अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं पर संज्ञान लेकर जिले की टीम द्वारा नियमित निरीक्षण करा, व्यवस्था को सुधारने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में नगर सांसद प्रतिनिधि अमित गुप्ता, भाजपा जिला कार्यालय मंत्री गौतम सिंह, मंडल महामंत्री दिलीप सोनी, मीडिया प्रभारी राजेश सिंह सहित मृतक बच्ची के परिजन शामिल थे।

जांच के दिए आदेश, डॉक्टर दोषी मिला तो होगी कड़ी कार्रवाई
"मामले की जानकारी मिलने पर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इसमें दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जानकारी मिली है कि निजी क्लीनिक में ही उसकी मौत हुई है। जिला अस्पताल से समय पर एम्बुलेंस क्यों नहीं दी गई, इसे भी देखता हूं। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
-डॉ. बसंत कुमार सिंह, सीएमएचओ, बलरामपुर



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The family reached the district hospital for treatment of the girl, the doctor called the clinic, died after being injected.


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