�� Online shopping Info �� All types of letest tech Info update is provided hare (tech,shopping,auto,movie,products,health,general,social,media,sport etc.) Online products Shopping

test

Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

Friday, October 9, 2020

चुनाव अभियान में फिर जुटेंगे ट्रम्प; क्या है उन्हें सिर्फ नौ दिन में ठीक करने वाली रीजेनेरन की थैरेपी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी?

कोविड-19 महामारी को दुनियाभर में नौ से ज्यादा महीने हो गए हैं। इसने किसी को नहीं छोड़ा। दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प को भी नहीं। दस लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। इतना होने के बाद भी डोनाल्ड ट्रम्प सिर्फ नौ दिन के ट्रीटमेंट में ठीक हो गए हैं।

अब कहा जा रहा है कि वे शनिवार को कैलिफोर्निया में चुनावी रैली को संबोधित कर सकते हैं। जो ट्रम्प शुरू से कोविड-19 को महत्व नहीं दे रहे थे, उन्होंने ही सबसे कम वक्त में उसे हरा दिया। 74 वर्षीय ट्रम्प के खिलाफ उनकी उम्र ही नहीं बल्कि ब्लडप्रेशर, मोटापा और अन्य बीमारियां भी थी, जो कोविड-19 को गंभीर बना सकती थी।

पिछले सोमवार को प्रेसिडेंट के ब्लड सैम्पल लिए गए। उसमें प्रोटेक्टिव एंटीबॉडी मिले हैं। फार्मा कंपनी के मुताबिक, वह रीजेनेरन की एंटीबॉडी थैरेपी का असर था। ट्रम्प ने भी बुधवार को वीडियो में दावा किया कि रीजेनेरन फार्मा की एक्सपेरिमेंटल थैरेपी से ही वे ठीक हुए हैं। अब दवा कंपनी ने फेडरल रेगुलेटर्स से इमरजेंसी यूज के लिए एंटीबॉडी ट्रीटमेंट को अनुमति देने की अपील की है।

क्या है रीजेनेरन और उसकी दवा?

  • सभी जानते हैं कि कोविड-19 मरीजों को ठीक करने के लिए नए-नए एक्सपेरिमेंट्स चल ही रहे हैं। शरीर में वायरस काउंट और रिकवरी टाइम कम करने की कोशिश भी हो रही है। अमेरिकी दवा कंपनी रीजेनेरन का ट्रीटमेंट भी इस समय प्रयोग के दौर में है।
  • रीजेनेरन ने दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का कॉम्बिनेशन REGN-COV2 बनाया है ताकि SARS-CoV-2 (वायरस जिसकी वजह से कोविड-19 होता है) की इंफैक्ट करने की क्षमता को वह ब्लॉक कर सकें।
  • REGN-COV2 को विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने हजारों ह्यूमन एंटीबॉडी का इवेल्यूशन किया है। कंपनी ने एक चूहे को मनुष्यों जैसा इम्युन सिस्टम विकसित करने के लिए जेनेटिकली मोडिफाई किया। फिर उससे ह्यूमन एंटीबॉडी ली। जो लोग कोविड-19 से उबर चुके हैं, उनके शरीर से भी एंटीबॉडी ली।

किस तरह काम करती है यह दवा?

  • इस थैरेपी में दो मोनोक्लोनल एंटीबॉडी REGN10933 और REGN10987 का इस्तेमाल किया गया है जो SARS-COV-2 वायरस को इनएक्टिव करते हैं। इससे उसके शरीर में फैलने की क्षमता रुक जाती है और रिएक्शन टाइम कम हो जाता है।
  • फिलहाल यह दवा शुरुआती ट्रायल के फेज में है। इसे उन इन्फेक्टेड व्यक्तियों में वायरल लोड कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो घर पर इलाज करा रहे हैं। अमेरिका में 275 मरीजों पर इसका इस्तेमाल किया गया है। अगले हफ्ते और 1,300 मरीजों पर इसका इस्तेमाल होगा। यूके में भी मिडिल से मिड-स्केल क्लिनिकल ट्रायल्स चल रहे हैं।
  • मोनोक्लोनल एंटीबॉडी शरीर में किसी पर्टिकुलर सेल से जुड़ते हैं। यह शरीर में इंफेक्शन को फैलने से रोकते हैं। एक्सपर्ट्स को लग रहा है कि जेनेटिकली विकसित एंटीबॉडी कोविड-19 इंफेक्शन को शरीर से लड़कर भगाने में मददगार है।

क्या इससे पहले भी मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया गया है?

  • हां। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले कुछ कैंसर के खिलाफ भी इसका इस्तेमाल किया गया है। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को बोन मैरो के प्लाज्मा सेल्स से निकाला जाता है।
  • इसे खास तौर पर वायरस को टारगेट करने और शरीर की नेचुरल एंटीबॉडी को कॉपी करने के लिए विकसित किया गया है। एंटीबॉडी ट्रीटमेंट्स इससे पहले रैबीज, हेपेटाइटिस बी में भी किए गए हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजे सामने नहीं आए हैं।

वैक्सीन के आने से पहले क्या एंटीबॉडी ट्रीटमेंट कारगर है?

  • वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के एंटीबॉडी ट्रीटमेंट वैक्सीन की उपलब्धता और सेफ्टी के अंतर को दूर कर सकते हैं। इन्हें बनाना आसान है। इसकी इफेक्टिवनेस भी अच्छी है। यह उन ग्रुप्स में भी अच्छे नतीजे दे सकता है जिन पर वैक्सीन अच्छी नहीं होती। यह मॉर्टेलिटी रेट को ऊपर जाने से रोक सकते हैं।
  • इससे पहले जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी कॉन्वलेसेंट प्लाज्मा (एंटीबॉडी-रीच ट्रीटमेंट) पर काम किया है ताकि कोविड-19 इंफेक्शन को रोका जा सके और रिकवरी टाइम को कम किया जा सके।

क्या इसके किसी तरह के खतरे भी हैं?

  • एंटीबॉडी ट्रीटमेंट की दवाएं और थैरेपी शरीर के इम्युन रिस्पॉन्स को मजबूत करते हैं, लेकिन इस बात के कोई सबूत नहीं है कि एंटीबॉडी ट्रीटमेंट से कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता।
  • प्लाज्मा थैरेपी की ही तरह, एंटीबॉडी ट्रीटमेंट या दवाएं भी कोविड-19 से जूझ रहे प्रत्येक मरीज के लिए सही नहीं है। एलर्जी, टॉक्सिसिटी, चक्कर आना या अन्य साइड-इफेक्ट का खतरा कायम रहता है।


आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Donald Trump; Regeneron Coronavirus Antibody Treatment | What Is Regeneron Antibody Drug COVID? All You Need To Know


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3iHkSZ7

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages