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Monday, October 12, 2020

आढ़तियों के पक्ष में डॉ. रिणवा धरने पर बैठे, ठेकेदार के खिलाफ डट गए घुबाया पिता-पुत्र

भले ही कृषि बिल को लेकर कांग्रेस किसानों के साथ खड़े होने का नाटक कर रही है। किंतु फाजिल्का अनाज मंडी में कांग्रेस की धान की लिफ्टिंग को लेकर लाभ कमाने के लिए आपसी फूट सामने आने लगी है। इस लूट और फूट का किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ट्रक यूनियन के पक्ष में विधायक घुबाया हैं। धान की लिफ्टिंग करने वाले ठेकेदार को सुनील जाखड़ का आशीर्वाद प्राप्त है।

ट्रक यूनियन कम पैसे मिलने के कारण धान की लिफ्टिंग नहीं होने दे रही। लिफ्टिंग न होने के कारण फाजिल्का की अनाज मंडी में परेशान आढ़तियों ने सोमवार को अपना कामकाज बंद रखने का अल्टीमेटम दिया था जिसको लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. महेन्द्र रिणवा सुबह आढ़तियों के पक्ष में आकर धरने पर बैठ गए। इस बात का पता जैसे ही विधायक दविंदर घुबाया को पता चला तो वह अपनी ही सरकार में होते हुए डीसी फाजिल्का के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

जब दोपहर तक कोई बात नहीं बनी तो दोपहर को विधायक दविंदर घुबाया के पिता पूर्व सांसद शेर सिंह घुबाया मलोट रोड पर प्रशासन के विरुद्ध धरने पर बैठ गए। इतना ही नहीं इस दौरान घुबाया समर्थकों ने धान की लोडिंग करने वाले ट्रैक्टर-ट्रालियों की हवा निकाल दी। घुबाया पिता-पुत्र ने ठेकेदारों के साथ जिला प्रशासन की मिलीभगत बताते हुए कहा कि पता नहीं प्रशासन किस कारण ठेकेदार को कायम रखना चाहता है।

जिन पर लोडिंग की जिम्मेदारी, वही धरने पर बैठे

आज के इस घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि उक्त लोडिंग करवाने की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी की होने के बावजूद मार्केट कमेटी के चेयरमैन प्रेम कुलरिया स्वयं विधायक घुबाया के साथ डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर आ बैठे जबकि अनाज मंडी से गेहूं की लिफ्टिंग करवाने की सीधी तौर पर जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।

घुबाया समर्थकों ने धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों की निकाली हवा

अनाज मंडी में गेहूं की 10 लाख क्विंटल आमद होती है जबकि धान की 4 लाख क्विंटल। इस बार लोडिंग का ठेका 14 प्रतिशत पर हुआ है। अगर किसी कारणवश वर्तमान ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाता है तो अगला प्रतिशत 15 होगा तथा साल भर के इस ठेके में लोडिंग व अनलोडिंग में 1 करोड़ 60 लाख रुपए कमिशन बनती है। जिसके लिए यह मारा मारी हो रही है।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए : दविंदर

धरने के दौरान बैठे विधायक दविंदर घुबाया का कहना था कि ठेकेदार को ब्लेकलिस्ट किया जाए यानि कांग्रेस के उनके विरोधी गुट को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए ताकि उनके गुट के लोग ट्रकों के माध्यम से लिफ्टिंग कर सकें जिसका सीधा लाभ उनके समर्थकों को मिले। जबकि दूसरे गुट को सुनील जाखड़ का आशीर्वाद होने के कारण प्रशासन ने घुबाया की कोई बात नहीं सुनी।

ट्रक यूनियन मारपीट की देती है धमकियां : ठेकेदार

लिफ्टिंग के ठेकेदार निशांत गुंबर का कहना है कि इससे पहले मंडी में लिफ्टिंग सुचारू हो रही थी तथा वह ट्रक भी दे रहे थे। दूसरी ओर ट्रक यूनियनों वालों ने अपने ग्रुप बना रखा है जो यहां पर गाड़ियों वालों को धमकियां देते थे कि वह उनकी गाडिय़ां तोड़ देंगे व उनकी मारपीट करेंगे। जब उनका काम नहीं चल पाया तो मंडियों के गेट बंद कर दिए। इस संबंधी वह डीसी से कई बार बात कर चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही। उनकी मांग है उन पर बनती कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लिफ्टिंग आसानी से हो सके।

कम रेट के चलते बंद की लिफ्टिंग : निरंजन सिंह

ट्रक ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष निरंजन सिंह से बात की गई तो उनका कहना है कि उनको पूरा भाव नहीं मिल रहा जिसके चलते उनको लिफ्टिंग के काम में कोई लाभ नहीं है। इससे पहले उनको कम रेट पर काम करना पड़ता था जिससे उनके खर्चे भी पूरे नहीं होते जिसके चलते उनके द्वारा लिफ्टिंग का काम बंद किया गया है। जिसके चलते अनाज मंडी में लिफ्टिंग का काम पूरी तरह से बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि उनको 1250 रुपए रेट मिल रहा है यदि उनको 2000 रुपए रेट मिलेगा तभी वह काम करेंगे।



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