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Wednesday, December 9, 2020

अंबुजा फाउंडेशन ने प्रोजेक्ट में शामिल किए 210 किसान मृत-भूमिहीन भी रजिस्टर्ड, कई तो स्कीम ही नहीं जानते

किसानों की आय में वृद्धि के लिए चल रहे बेहतर कपास पहल (बीसीआई) प्रोजेक्ट को लेकर अबोहर के गांव अमरपुरा के किसानों ने अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन पर घोटाला करने के आरोप लगाए हैं।

इस मामले में एसडीएम अबोहर जांच कर रहे हैं। उधर, फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने किसानों के आरोपों का खंडन किया है। किसानों का आरोप है कि अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन ने बीसीआई प्रोजेक्ट के तहत गांव के किसानों को सिलेक्ट कर उनकी लिस्ट तैयार करने के बाद उनके नाम पर लाइसेंस ले लिया, लेकिन उनको ट्रेनिंग नहीं दी गई।

कागजों में उनका बैटर कॉटन जिनरों (कॉटन खरीदने वाले व्यापारी) को भी बेचा दिखा दिया गया। गांव के युवा किसान रमन गंगपारिया सहित अन्य किसानों ने डीसी फाजिल्का को ई-मेल के जरिए जानकारी दी। एसडीएम अबोहर जसपाल सिंह बराड़ ने गांव अमरपुरा में पहुंचकर फाउंडेशन के प्रतिनिधि राजेश सुथार को बुलाकर पूरा रिकॉर्ड मांगा। कंपनी प्रतिनिधी ने एक महीने का समय मांगा है।

कंपनी ने किसानों के नाम पर लाइसेंस तक ले लिया : रमन

युवा किसान रमन गंगपारिया ने बताया कि गांव अमरपुरा के लगभग 210 किसानों को इस साल बेहतर कपास पहल (बीसीआई) प्रोजेक्ट के साथ जोड़ा गया है। इनके नाम पर लाइसेंस भी ले लिया गया, परंतु ज्यादातर किसानों को प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ही नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लिस्ट में शामिल किसानों का बैटर कॉटन जीनर को भी बेचा गया है, जबकि उन्होंने अपना नरमा बेचा ही नहीं है। रमन गंगपारिया ने आरोप लगाया कि बीसीआई प्रोजेक्ट के तहत गांव के किसानों की जो लिस्ट बनाई गई है, उनमें 5-6 किसान ऐसे हैं, जिनके पास जमीन ही नहीं है। जबकि इसके अलावा 3-4 किसानों की तो मौत हो चुकी है।

10 साल से प्रोजेक्ट चल रहा है, घोटाला नहीं हुआ, कोविड-19 के चलते ट्रेनिंग नहीं दे पाए: मैनेजर मानव

किसानों के लगाए आरोप बेबुनियाद

अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के एरिया प्रोग्राम मैनेजर मानव मैती ने बताया कि (बीसीआई) वर्ल्ड वाइड लेवल पर चल रहा प्रोजेक्ट है, जिसके तहत किसानों को अच्छी किस्म की कपास उगाने की सिखलाई दी जाती है। इसमें किसान को अच्छे बीज, कीटनाशक, फसल तैयार करने संबंधी जागरूक किया जाता है। पंजाब में 2010 से ये प्रोजेक्ट चल रहा है। उन्होंने कहा कि गांव अमरपुरा में किसानों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। साथ ही उन्होंने माना कि कोविड के चलते किसानों की ट्रेनिंग नहीं दी जा सकी है, आने वाले समय में जागरूक किया जाएगा।

पंजाब के 300 गांवों में चल रहा प्रोजेक्ट

एरिया मैनेजर राजेश सुथार ने बताया कि अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन ने पंजाब के 300 और फाजिल्का के 30 गांवों में ये प्रोजेक्ट चलाया है। जहां किसानों को ट्रेनिंग दी जाती है। जबकि भास्कर ने उस्मानखेड़ा, भंगरखेड़ा, अचड़िकी व आसपास के गांवों में पता किया, पर किसी किसान को बीसीआई प्रोजेक्ट के बारे में पता नहीं है।

जांच के बाद बताएंगे क्या हुआ: एसडीएम

एसडीएम जसपाल सिंह बराड़ ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर हुए घोटाले के बारे में उन्हें जानकारी मिली है। कृषि विभाग के अधिकारियों की जांच के लिए जिम्मेदारी लगा दी है। आने वाले दिनों में इसको लेकर पूरी जानकारी दी जाएगी। बीसीआई का फायदा पूछने पर उन्होंने कहा कि इसका किसानों को कोई फायदा नहीं है।



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Ambuja Foundation has included 210 farmers who are dead-landless in the project, many do not know the scheme


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