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Sunday, December 13, 2020

पिता ने कर्ज उतारा ताकि बेटे परेशान न हों, 70 लाख के विवाद में छोटे भाई ने भाभी पर चलाई गोली,सदमे से बड़े भाई की मौत

प्लाईवुड की फैक्ट्री वाले इंदर संस परिवार में 70 लाख रुपए को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई ने बड़े भाई के घर जाकर भाभी पर गोली चला दी। गोली भाभी के सिर काे छूकर निकल गई। खतरनाक मंजर देख पास बैठे बड़े भाई का हार्ट फेल हो गया। आरोपी अमृतपाल अपने पिता गुरविंदर सिंह की लाइसेंसी रिवॉल्वर समेत फरार है। उस पर भाई की गैरइरादतन हत्या और भाभी की हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। 38 साल के जसविंदर की माैत से 13 और 6 साल के बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मामला थाना-5 के क्षेत्र में पड़ती ईश्वर कॉलोनी का है।

एसीपी वेस्ट पलविंदर सिंह और थाना-5 के एसएचओ ने क्राइम सीन पहुंच जांच शुरू की। जसविंदर सिंह परिवार के साथ टीवी देख रहे थे। इस दाैरान अचानक भाई आया और बहस शुरू कर दी। इसीबीच अमृतपाल ने फायर किया। शमिंदर और जसविंदर को टैगोर अस्पताल ले जाया गया जहां डाॅक्टराें ने जसविंदर को मृत घोषित कर दिया। गुरविंदर सिंह का अगस्त में निधन हो गया था। उन्होंने बैंकों के 70-80 लाख के कर्ज इसलिए भुगतान इसलिए जल्दी-जल्दी में किया था कि बाद में बेटे आपस में न झगड़ें।

छोटे भाई पर गैर-इरादतन हत्या और इरादा-ए-कत्ल का केस दर्ज, तलाश जारी

पिता की याद में पाठ का शनिवार को था भोग
एसीपी पलविंदर सिंह ने बताया कि 15 अगस्त को जसविंदर के पिता गुरविंदर सिंह की मौत हो गई था। उनकी याद में जसविंदर के घर रखे गए पाठ का शनिवार को भोग था। एक दिन बाद ही अमृतपाल ने घर में घुसकर बड़े भाई जसविंदर उर्फ राजा की जान ले ली।

दिवंगत पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से चलाई गोली...
एसीपी वेस्ट पलविंदर सिंह के अनुसार गुरविंदर सिंह के निधन के बाद अमृतपाल सिंह उर्फ लक्की अपने बड़े भाई जसविंदर सिंह उर्फ राजा का 70 लाख रुपए का देनदार था। इसे लेकर पहले भी झगड़ा हुआ था। तब रिश्तेदारों और परिचितों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कर दिया था। रविवार को हुए झगड़े में मामला बढ़ गया। थाना-5 के एसएचओ गगनदीप सिंह ने बताया कि क्राइम सीन से वेपन बरामद नहीं हुआ है। इस्तेमाल किया गया रिवॉल्वर लाइसेंसी था। जोकि पिता की मौत के बाद जमा नहीं करवाया गया था। देर शाम आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 307, 27-54-59 के तहत पर्चा दर्ज किया गया। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पहले मर्डर वेपन बरामद करेगी, फिर अगर मामले में और कोई धारा जोड़नी पड़ी तो जोड़ी जाएगी।

पिता ने बनाई थीं तीन प्लाईवुड फैक्ट्रियां, फार्म हाउस भी है

1991 में बस्ती एरिया में प्लाईवुड के पहले कारोबार की शुरुआत हुई। जेल चौक में हथौड़ों के लकड़ी के दस्ते बनाने वाले इंदर सिंह के तीन बेटों में से एक गुरविंदर सिंह ने प्लाईवुड की फैक्ट्री लगाई थी। गुरिंदर ने अपने पिता के नाम पर इंदर संस कंपनी शुरू की थी। उन्होंने तीन फैक्ट्रियां बनाई थीं। एक फैक्ट्री सम्मीपुर गांव के पास लगाई गई। जहां पर प्लाईवुड के सेमी फिनिश्ड प्राेडक्ट बनाए जाते थे। इसके बाद इन्हे काला संघिया रोड पर बनी दो फैक्ट्रियों में लाया जाता था। इन फैक्ट्रियों में उनकी करीब 300 मरले जमीन है। कभी इस फैक्ट्री को लकड़ी सप्लाई करने वाले एक कारोबारी बताते हैं कि गुरविंदर सिंह की सफलता के पीछे मुख्य वजह साफगोई और खरीददारों को साथ लेकर चलने की कला थी। उन्होंने होशियारपुर रोड पर फार्म हाउस भी बनाया था।

इन दिनों वह कर्ज से परेशान थे। इसीलिए फैक्ट्रियों के साथ गुरु नानक नगर की तरफ लगती जमीन की सेल कर बैंक कर्ज की रकम लौटाई थी। उनकी मौत के बाद दोनों बेटों में प्राॅपर्टी को लेकर विवाद था। पिछले दिनों पारिवारिक प्राॅपर्टी की बिक्री का सौदा किया था। इसका बयाना होना बाकी था, इसकी तैयारी थी। गुरिंदर ने जब कारोबार का बंटवारा दोनों बेटों में किया था तो अमृतपाल सिंह उर्फ लक्की अपने बड़े भाई जसविंदर का 70 लाख का देनदार था। इसी को लेकर दाेनाें के बीच विवाद था।



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Father took off the loan so that the son does not get upset, in the dispute of 70 lakh, the younger brother fired on his sister-in-law.


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